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सीने में कफ जमा होने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हो सकते हैं? डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानें इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के उपाय
सीने में कफ जमा होने से सांस लेने में दिकà¥à¤•त, घरघराहट, जकड़न आदि महसूस होती है। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समय रहते मिलना चाहिà¤à¥¤Â
सरà¥à¤¦à¥€, खांसी, जà¥à¤•ाम होने पर सीने में कफ जमने लग जाता है। कफ यानी मà¥à¤¯à¥à¤•स शरीर में पाया जाता है, लेकिन जब इसकी मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है तब इसे चेसà¥à¤Ÿ कंजेशन कहा जाता है। आरबीटीबी हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² (Rajan Babu Institute of Pulmonary Medicine and Tuberculosis) में मेडिकल ऑफिसर (MBBS) डॉ. अनà¥à¤°à¤¾à¤— शरà¥à¤®à¤¾ ने बताया कि छाती में कफ कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• कंडीशन जैसे सीओपीडी, बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस, असà¥à¤¥à¤®à¤¾ आदि के कारण जम सकता है। तो वहीं, कोरोना के मामलों में à¤à¥€ छाती में जकड़न महसूस होती है।Â
सीने में कफ जमने को नजरअंदाज करने पर सांस लेने में दिकà¥à¤•त, छाती में जकड़न आदि परेशानियां होती हैं। सीने में कफ की जांच के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी है। हालांकि सरà¥à¤¦à¥€, खांसी के लिठकà¥à¤› घरेलू उपायों को à¤à¥€ अपनाया जा सकता है। आज के इस लेख में हम डॉ. अनà¥à¤°à¤¾à¤— शरà¥à¤®à¤¾ से जानेंगे कि सीने में कफ किन कारणों से जमती है और इसका निदान कà¥à¤¯à¤¾ है।
कफ (Mucus) कà¥à¤¯à¤¾ है?
शरीर में जमा मà¥à¤¯à¥à¤•स को कफ कहा जाता है। मà¥à¤¯à¥à¤•स शरीर में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° मà¥à¤¯à¥à¤•स मेंमबà¥à¤°à¥‡à¤¨ (the respiratory membrane) से ढंका होता है। कफ के कारण ही पूरा शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° नमीयà¥à¤•à¥à¤¤ रहता है। शरीर में कई हानिकारक ततà¥à¤¤à¥à¤µ कफ में चिपककर रह जाते हैं जिससे वह आगे नहीं बढ़ता। कफ जमने से आपको दिकà¥à¤•त तब होती है, जब यह जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जमा होने लगता है।Â
छाती में कफ जमने के लकà¥à¤·à¤£
तेज खांसी
खांसी के साथ घरघराहट की आवाज
बहती नाक
खांसने पर सीने में दरà¥à¤¦ होना
खांसने पर बलगम आना
गंà¤à¥€à¤° मामलों में खांसने पर कफ के साथ खून à¤à¥€ आता है
सीने में कफ जमने के कारण
सीने में कफ सामानà¥à¤¯ जमने के निमà¥à¤¨ कारण होते हैं-
à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस (acute bronchitis)
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है यह बà¥à¤°à¥‹à¤‚कियल टà¥à¤¯à¥‚ब में सूजन का कारण बनता है। यह वे नलियां होती हैं जिनमें से हवा फेफड़ों में जाती है। जब इन टà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¸ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो जाती है, तब इनमें सूजन आती है। कफ जमने से सांस लेने में दिकà¥à¤•त होने लगती है। डॉ. अनà¥à¤°à¤¾à¤— का कहना है कि à¤à¤•à¥à¤¯à¥à¤Ÿ बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से à¤à¥€ हो सकता है। इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सामानà¥à¤¯ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बलगम बनती है।Â
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• कंडीशन
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• कंडीशन जैसे सीओपीडी आदि में रेसà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बढ़ जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ लोग फà¥à¤²à¥‚, निमोनिया, जà¥à¤•ाम की चपेट में जलà¥à¤¦à¥€ आते हैं। सीओपीडी के लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर à¤à¥€ कफ सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनता है। डॉ. अनà¥à¤°à¤¾à¤— का कहना है कि सीओपीडी में कफ का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। सीओपीडी सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग की वजह से à¤à¥€ होती है। जिससे मरीज की छाती में बलगम जम जाता है। जिन लोगों ने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग की होती है, वे कफ हमेशा कफ बाहर निकालते रहते हैं।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾
फेफड़ों तक हवा को पहà¥à¤‚चाने वाली नलियां सिकà¥à¤¡à¤¼ जाती है, तब उसे असà¥à¤¥à¤®à¤¾ कहा जाता है। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज को सांस लेने में दिकà¥à¤•त, खांसने पर घरघराहट की आवाज, सीने में जकड़न जैसी परेशानियां होती हैं। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ सीने में कफ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनता है।Â
निमोनिया
निमोनिया फेफड़ों में सूजन वाली बीमारी है। यह बैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤² या वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण हो सकती है। निमोनिया होने पर à¤à¥€ खांसी, सीने में दरà¥à¤¦, सांस लेने में कठिनाई होती है। यह सà¤à¥€ परेशानियां सीने में कफ के जमने की वजह से होती हैं। निमोनिया में à¤à¥€ कफ का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बढ़ जाता है।
टीबी
टीबी फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है। टीबी होने पर खांसने में दिकà¥à¤•त, कफ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आना, बà¥à¤–ार, à¤à¥‚ख नहीं लगना, फेफड़ों में दरà¥à¤¦, बलगम में खून आना आदि परेशानियां होती हैं। टीबी का इलाज जरूरी है। अगर समय पर इसका इलाज नहीं हà¥à¤† तो यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की जान à¤à¥€ ले सकता है।Â
सीने में कफ जमने के बचाव
अगर आपको 2 हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ छाती में कफ जमने कि दिकà¥à¤•त है तो बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। शà¥à¤°à¥‚आती सà¥à¤¤à¤° पर सामानà¥à¤¯ खांसी, जà¥à¤•ाम के लिठआप घरेलू उपाय अपना सकते हैं, लेकिन 2 हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ छाती में कफ जमने को नजरअंदाज न करें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। सीने में कफ न जमने के बचाव-
सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ खांसी जà¥à¤•ाम होने पर à¤à¤¾à¤ª लें, शरीर को हाइà¥à¤°à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखें। खांसी होने पर शहद का सेवन à¤à¥€ किया जा सकता है। इससे बलगम का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कम होगा।
अगर आप सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग करते हैं तो उसे जितना जलà¥à¤¦à¥€ हो सके उसे छोड़ दें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग कफ जमाने के अलावा हारà¥à¤Ÿ अटैक का à¤à¥€ कारण बनता है। सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग छोड़ने से बलगम का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं होगा।
हेलà¥à¤¦à¥€ लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को अपनाà¤à¤‚। तनाव न लें। नींद पूरी लें। तनाव लेने का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सबसे पहले बà¥à¤–ार और जà¥à¤•ाम के रूप में सामने आता है।Â
नियमित तौर पर नहाà¤à¤‚। वायरस या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बचने के लिठसाबà¥à¤¨ से हाथ धोà¤à¤‚। साफ-सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
कफ जमने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤¯à¤¾ जांच करते हैं?
छाती में कफ जमने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले बलगम की जांच करते हैं। जिसमें वे बलगम का रंग या बलगम में खून तो नहीं आ रहा है आदि बिंदà¥à¤“ं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हैं। बलगम की जांच के अलावा à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡ à¤à¥€ किया जाता है। सीने कफ किन कारणों से जमी है, इसका सही निदान बीमारी के कारण जानकर ही किया जाता है।Â
आमतौर पर हमारी आदत होती है कि हम सीने में कफ जमने को गंà¤à¥€à¤° रूप से नहीं लेते। लेकिन इसी रवैये का असर होता है कि आप टीबी, असà¥à¤¥à¤®à¤¾ जैसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी का शिकार होते हैं। इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की राय है कि 2 हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अगर आपको छाती में कफ जमा होने की दिकà¥à¤•त हो रही है तो बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। कफ जमने की दिकà¥à¤•ते छोटे से लेकर बड़े तक किसी को à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठइसे सही समय पर पहचानें और सही उपाय अपनाà¤à¤‚।Â
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